शुक्रवार, 20 अप्रैल 2018

नाभी सौन्‍द्धर्य पर चर्चा


                नाभी सौन्‍द्धर्य पर चर्चा
 सदियों से महिलाओं की गहरी नाभी आकृषण का केन्‍द्र रही है , वैसे तो महिलाओं की नाभी अकसर गहरी
एंव सुन्‍दर होती है , परन्‍तु कुछ महिलाओं की नाभी गहरी आकृषक न होकर उपर की तरफ डण्‍टल की तरह से निकली हुई होती है , जो स्त्री के सम्‍पूर्ण सौन्‍द्धर्य को खत्‍म कर देती है इस प्रकार की नाभी से पेट का आकृषण तो कम हो ही जाता है बल्‍की एक कोमलांगनी स्‍त्रीय के प्रति कोमल भाव भी नष्‍ट हो जाता है । इसी प्रकार से कुछ महिलाओं की नाभी कम गहरी होने के साथ उसमें नाभी धारीयॉ स्‍पष्‍ट रूप से दिखलाई देती है इससे भी नाभी प्रदेश का आकृषण कम हो जाता है । कम गहरी नाभी एंव नाभी पर दिखने वाली धारीयों को नेवल स्प्रिंग से आसानी से छिपाया जा सकता है , जैसे कि पहले नीशेप क्‍लीनिक में इसके बारे में बतलाया गया है । नेवल स्प्रिंग नाभी के आकार की गोल स्‍टीललैस स्‍टील की एक स्प्रिंग होती है जो नाभी के अन्‍दर डाल कर छोड दी जाती है इससे दबाब के कम होते ही स्प्रिंग अपने मूल रूप में आ जाती है एंव इसके दबाब से नाभी धारीयॉ छिप जाती है एंव नाभी पहले की अपेक्षा गोल गहरी सुन्‍दर दिखने लगती है इसका प्रयोग आज कल युवा स्‍त्रीयों में पार्टी या फंगशन आदि में नाभी र्दशना वस्‍त्र पहनते समय किया जा रहा है । नाभी स्प्रिंग को कभी भी लगाया एंव निकाला जा सकता है ।
 दुसरी विधि है नेवेल कार्क से कम गहरी नाभी को गहरा गोल आकृषक बनाना इसमें नाभी की साईज का एक कार्क होता है उसे नाभी पर कुछ दिनों तक लगाने से नाभी कार्क के आकार की गहरी गोल हो जाती है इसका प्रयोंग भी महिलाये आसानी से कर अपनी नाभी को गहरा आकृषक बना सकती है ।
नाभी को गहरा करने में नीशेप क्‍लीनिक या नेवल एक्‍युपंचर , तथा अन्‍य चिकित्‍सा पद्धतियों की मदत ली जा सकती है ।

इलैक्‍ट्रोहोम्‍योपैथिक में सी-15 एंव जी ई दवा के नियमित प्रयोग से भी नाभी कुछ दिनों में गहरी आकृषक सुन्‍दर हो जाती है । नेवेल एक्‍युपंचर चिकित्‍सा में नेवल डस्‍ट की शक्तिकृत मात्रा को नाभी के मध्‍य पाईट पर पंचरिग करने से नाभी गहरी होने लगती है ।
नाभी को गहरा आकृषक बनाने के विषय में आप इन साईडों पर वीडियों व लेख आदि देख सकते है ।एंव घर बैठे इस विषय को सीख सकते है यदि आप ब्‍यूटी पार्लर चला रही है तो अपने पार्लर में नी शेप क्‍लीनिक चालू कर अपनी आय को बढा सकती है । आज नी शेप क्‍लीनिक या पार्लर का व्‍यवसाय एक लाभ का व्‍यवसाय बनता जा रहा है । साथ ही गृहणीया अपने बचे हुऐ समय का सदउपयोग कर अपने घर में ही इस नीशेप पार्लर को प्रारम्‍भ कर सकती है ।   
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हमारे नि:शुल्‍क ब्‍यूटी क्‍लीनिक प्रशिक्षण में कुछ महिलायें आई थी उनके द्वारा कुछ प्रश्‍न हमारे मेल एडेस पर किये गये जिनकी संकाओं का समाधान किया जा रहा है । आप के भी कुछ प्रश्‍न हो तो आप ऊपर बतलाई साईडों के कमेन्‍ट कालम में अपनी समस्‍याये लिख सकती है आप की हर समस्‍याओं का हमारे एक्‍सपर्ट द्वारा जबाब दिया जायेगा ।
1-रागनी वर्मा सर मेरी उम्र लगभग 24 वर्ष है मेरी समस्‍या यह है कि मेरी नाभी कम गहरी है एंव सकरी तथा पूर्ण रूप से गोलाकार नही है , मेरे पति को गहरी नाभी पसंद है ,इसके लिये मुक्षे क्‍या करना होगा । क्‍या बिना सर्जरी के मेरी नाभी गहरी गोल एंव आकार में कुछ बडी साईज की हो सकती है । मैने कई पत्र पत्रिकाओं में पढा है कि नेवल स्प्रिंग से या कुछ दबाओं से नाभी गहरी हो सकती है ।

उत्‍तर आप ने ठीक पढा है नेवल स्प्रिंग व नेवल कार्क से नाभी को गहरा आकृषक बनाया जा सकता है आप हमारे ऊपर बतलाई साईडों पर नेवल कार्क व स्प्रिंग के ऊपयोग के बारे में जानकारीयॉ हासिल कर इसका प्रयोग स्‍ंवयम घर पर आसानी से कर सकते है । दवाओं में इलै0होम्‍यो0 की दबा व नेवल एक्‍युपंचर के बारे में हम पहल ही लिख आये है । सकरी कम गहरी नाभी के विषय में उपर की साईड में सारी जानकारीयॉ दी गयी है ।
प्रमिला ठक्‍कर सर मेरी उम्र लगभग 25 वर्ष के आस पास है मै एक कलाकार बनना चाहती हूं मै पिछले दिनों एक रियलटी शो में ओडीशन देने गयी थी परन्‍तु जैसे ही उन्‍होने मुक्ष नाभी से नीचे कपडे पहनाया तो मेरी सकरी नाभी की वहज से उन्‍होने मुक्षे निकाल दिया मै बहुत निराश हुई मैने अपनी नाभी को गहरा सुन्‍दर बनवान प्‍लास्टिक सर्जन से चर्चा की तो वह बहुत महगा उपचार बतला रहे है क्‍या नेवेल स्प्रिग व नेवल कार्क या आप की दबाओं से मेरी नाभी स्‍थाई रूप से गहरी आकृषक हो सकती है ।

उत्‍तर आप को मात्र नाभी की वजह से निकाल दिया गया यह जानकर दु:ख हुआ परन्‍तु वास्‍तव में जिस लाईन मे आप गयी है वहॉ सौन्‍द्धर्य ही सब कुछ है । फिर महिलाओं में गहरी गोल नाभी ही आकृषण का केन्‍द्र होती है । आप ने पूछा है कि नेवल स्प्रिंग व नेवल कार्क या हमारी दवाओं से नाभी को स्‍थाई रूप से गहरा गोल सुन्‍दर बनाया जा सकता है तो इसका जबाब है हॉ क्‍यो नही । नेवल स्प्रिग या नेवल कार्क का नाभी पर लम्‍बे समय तक लगे रहने से नाभी स्‍थाई रूप से गहरी एंव गोल आकृषक हो जाती है । इस उपचार से आज लाखों युवा महिलाये लाभान्‍वित हो रही है आप किसी नीशेप पार्लर या नीशेप क्‍लीनिक पर सम्‍पर्क कर इसका लाभ उठा सकती है ।


सविता सेन सर मै एक शादीसुधा महिला हूं मेरी उम्र 45 वर्ष है परन्‍तु मेरी नाभी सकरी कम गहरी है मै इसकी वजह से अन्‍य युवा महिलाओं की तरह नाभी र्दशना वस्‍त्र नही पहन पाती इससे मुक्षे बडी शमिन्‍दगी होती है दुसरा नाभी से ऊपर साडी पहनने से मेरा पेट और बडा दिखता है । अत: मुक्षे कुछ उपाय बतलाये ।
त्‍तर :- आप से सही प्रश्‍न किया वास्‍तव में नाभी के आस पास का क्षेत्र पहले से ही कुछ मोटा होता है फिर साडी के खोसने से और बडा हो जाता है । इससे स्‍त्रीयों का फिगर पूरी तरह से खराब हो जाता है नाभी से नीचे बस्‍त्र पहनने से ही पेट व कमर पूरी तरह पतले आकृषक दिखते है । परन्‍तु यदि नाभी सकरी कम गहरी या डण्‍टल की तरह से निकली हुई हो तो यह बात सही है कि नाभी से नीचे वस्‍त्र नही पहने जा सकते आप हमारे बतलाई साईड पर जानकारीयॉ प्राप्‍त कर नेवल स्प्रिंग या नेवल कार्क का प्रयोग स्‍वयं घर पर करे एंव हमे इसके प्रयोग व परिणामों से अवगत अवश्‍य कराये ताकि दूसरे आप जैसी महिलाओं को हम आप के लाभ से अवगत करा सके । हमे उम्‍मीद है आप हमारे उत्‍तर से सन्‍तुष्‍ट होगी ! 
नाभी जितनी गहरी होती है उतनी आकृषित दिखती है ऊपर कुछ फोटो डाले है आप उन्‍हे देखिये उसमें नेवल स्प्रिग एंव नेवल कार्क की फोटो है तथा कम गहरी सकरी नाभी की फोटो भी है । 
                                        डॉ0 जीनत खान नीशेप एक्‍सपर्ट

                                         जबलपुर मध्‍यप्रदेश 

निलीमा जैन:- सर मै इलाहाबाद से हूं मेरी उम्र 22 वर्ष है , मै यह जानना चाहती हूं कि नेवल स्प्रिग एंव नेवल कार्क कहॉ मिलते है एंव इनका उपयोग क्‍या घर पर किया जा सकता है ।
समाधान :- नीलम जी आप का प्रश्‍न उचित है बहुत से लोगो ने पूछना है कि नेवल स्प्रिग एंव नेवल कार्क कहॉ से मिले सकती है । तो मै आप को बतलाना चाहूंगा कि नेवल कार्क एंव नेवल स्प्रिंग अभी केवल महॉनगरों में नीशेप क्‍लीनिक में ही मिल सकते है । यदि आप को नेवल स्प्रिग व नेवल कार्क उपलब्‍ध नही हो रहा है तो आप इसे घर पर आसानी से बना सकते है एंव इसका उपयोग भी आप घर पर स्‍वय एंव अपनी अन्‍य साथीयों पर कर सकती है । चूंकि यहॉ पर मै आप को एक बात बतला देना उचित समक्षता हूं वह यह कि नाभी को आकृषक गहरा गोल बनाने का कार्य जानने वालों की संख्‍या मात्र इतनी है कि उन्‍हे आसानी से अंगुलियों पर गिना जा सकता है , नाभी को गहरा आकृषक बनाने के व्‍यवसाय में अपार संभावनाओं के साथ इसमें आय भी बहुत है ।  नेवल कार्क एंव नेवल स्प्रिंग के बनाने की विधि हमारी साईड पर उपलब्‍ध है वहॉ से इसके बनाने की जानकारी आप प्राप्‍त कर सकते है
नीशेप क्‍लीनिक में इसका कार्य , आसानी से किया जाता है

शनिवार, 14 अप्रैल 2018

अनेक बीमारियों को भी बताती है नाभि


   अनेक बीमारियों को भी बताती है नाभि

नाभिके बिना मनुष्य की कल्पना तक नहीं की जा सकती। उदर (पेट) पर स्थित नाभि बहुत ही रहस्यमयी है। माता के गर्भ में नवजात बाल का सबसे पहले नाभि केन्द्र ही विकसित होता है। गर्भ के बाहर आते ही सर्वप्रथम माता के शरीर से शिशु को जोड़ने वाली उस नली का संबंध विच्छेद करना होता है जो शिशु की नाभि से जुड़ी होती है। अगर किसी कारणवश जन्म लेते ही नाभि को माता से जोड़ने वाली नली को शीघ्र ही काटा जाए तो बालक विकालंग भी हो सकता है। नाभि का अपने स्थान पर रहना स्वस्थ्य का प्रतीक होता है किन्तु आजकल की जीवन पध्दति के कारण अधिकांश व्यक्तियों का नाभिकेन्द्र अपने स्थान पर प्रायः नहीं होता। लम्बे समय तक ऐसी स्थिति रहने पर जी मिचलाने लगता है, भोजन से अरूचि हो जाती है, पेट में मरोड़ तथा वायु की शिकायत हो जाती है। कई बार कब्ज एवं दस्त की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। नाभि के अपने केन्द्र से हट जाने पर हृदय में जलन, खांसी, अनिद्रा, तनाव, महिलाओं में मासिक असंतुलन, शरीर के निचले भाग में पीड़ा, आंतों में समस्या के साथ ही लिवर, पित्ताशय तथा दाहिनी किडनी भी प्रभावित होती है। इससे शरीर के ऊपरी बायें भाग पर दर्द एवं तनाव की अनुभूति भी हो सकती है। इसके कारण पैन्क्रियाज, जठर, प्लीहा, तक रोगग्रस्त हो सकते हैं। लम्बर क्षेत्र के विकेन्द्रकरण के कारण दाहिने पैर में दर्द हो सकता है। शरीर का दाहिना भाग प्रभावित होता है तथा किडनी तथा आंतों में खिंचाव, कड़ापन तथा दर्द की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। नाभि के केन्द्र से हट जाने के कारण असहजता, मानसिक समस्याएं, बुरे स्वप्न एवं मूत्राशय संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। स्वस्थ नाभि का आकार गोलाकार, मांसपेशियां सुडौल तथा केन्द्र में स्पन्दन करने वाला होता है किन्तु नाभि अगर केन्द्र में स्थित न हो, त्वचा में लचीलेपन की बजाय कठोरता हो, नाभि सक्रिय एवं सजग न हो, नाभि एक तरफ खिंची हुई, उभरी हुई अथवा दबी हुई हो या उसका आकार स्थायी रूप से बदल गया हो तो यह उस व्यक्ति में लम्बे समय से किसी न किसी रोग की तरफ इंगित करता है किन्तु जब परिस्थितियां अनियंत्रित हो जाता हैं, तब रोग के लक्षण बाहर दिखायी देने लगते हैं। नाभि को प्राण ऊर्जा का केन्द्र बिन्दु माना जाता है, क्योंकि यहां से प्राण
ऊर्जा का वितरण, नियंत्रण एवं संतुलन होता है। इसी कारण जब नाभि अपने स्थान से खिसक जाता है, तो सभी अंगों को मिलने वाली प्राण ऊर्जा का संतुलन बिगड़ने लगता है। किसी को आवश्यकता से अधिक तो किसी को आवश्यकता से बहुत कम ऊर्जा मिलने लगती है। फलस्वरूप उन अंगों की कार्यप्रणाली असंतुलित हो जाती है और अलग-अलग लक्षण प्रकट होकर रोग के नामों से पुकारा जाने लगता है। इस असंतुलन को ठीक करते ही रोग नष्ट हो जाते हैं। नाभि का खिंचाव अनेक प्रकार से हो सकता है। नाभि बांयी तरफ खिंचकर जा सकती है। इसी प्रकार नाभि का खिचांव दाहिनी ओर, ऊपर की ओर, नीते की ओर, बाएं पुठ्ठे की तरफ, दाहिने पुठ्ठे की तरफ, आवरीज की तरफ, लिवर की तरफ तथा पैन्क्रियाज या तिल्ली की तरफ हो जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर हो या मधुमेह, अस्थमा हो या हृदयाघात, गुर्दे की शिकायत हो या अचेतन की अवस्था, सभी में नाभि के केन्द्र को परखने के बाद ही उपचार करना चाहिए। नाभि के केन्द्र में स्थिर न रहने के कारण ही ये असाध्य रोग भी पनपते हैं। नाभि को केन्द्र में लाने की अनेक विधियां अपने देश में प्रचलित हैं। वे सभी विधियां इतनी सरल हैं कि इसे अपने घर पर ही किया जा सकता है। नाभि का
अपने केन्द्र में स्पन्दन करना स्वस्थ नाभि का प्रतीक है। अगर केन्द्र का स्पन्दन नाभि स्थल पर न हो, ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं हो तो इस नाभि का खिसकना या पेचुटि कहा जाता है। नाभि को केन्द्र में लाने की विधि किसी अच्छे जानकार से सीख लेना हितकारी रहता gS A ukHkh ls mipkj dbZ fpfdRlk i)fr;ksa esa fdlh u fdlh :i esa izpfyr jgh gS A pkbZuht fpfdRlk esa phuh”kkWx uke ls ,ao gekjs vk;qosZn fpfdRlk esa ukHkh Lianu ls jksx funku rFkk ,D;qiapj fpfdRlk i)fr esa usosy ,D;qiapj uke ls lfn;ksa ls lQyrkiwoZd mi;ksx dh tk jgh gS A
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                                                                              battely2@gmail.com




                            






शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018

---अनुभव एंव समाधान कालम ---

                 ---अनुभव एंव समाधान कालम ---
इस कालम के अंर्तगत छात्रों ,मरीजो, तथा पाठकों की समस्‍याओं का समाधान किया जाता है । अत: अनुरोध है कि आप भी अपनी समस्‍याये ,अनुभव,आदि शेयर करना चाहते है तो प्रकाशनार्थ हमारे ईमेल battely2@gmail.com पर भेज सकते है या हमारे ब्‍लार्गस की साईड पर कमेन्‍ट कालम में उक्‍त समस्‍याये,अनुभव ,तथा समाधान शेयर किया जा सकता है ।                             
                     
  प्रश्‍न 1- मेरा नाम दिनेश पाठक है मेरी उम्र करीब 55 वर्ष की है,  रतलाम म0प्र0 का निवासी हूं मुक्षे नाभी स्‍पंदन से रोग निदान की जानकारी मिली । मुझे कई बीमारीयॉ कई वषों से थी ।  कई प्रकार के उपचार करा करा कर परेशान हो चुका था इस दरबयान मैने नेट पर नाभी स्‍पंदन से रोगों की पहचान एंव निदान नामक लेख पढा । दा एयुपंचर डब्‍लपमेंन्‍ट एण्‍ड रिसर्च मिशन की जानकारी मुक्षे मिली , मैने नाभी स्‍पंदन चिकित्‍सक की जानकारी चाही, तो उन्‍होने अपने स्‍थानीय चिकित्‍सक का पता दिया उन चिकित्‍सक का नाम डॉ0 के0बी0 सिह था जो मध्‍यप्रदेश सागर में रहते है । मै उनसे मिला एंव अपना उपचार कराया मेरी उन्‍होने नाभी स्‍पंदन का परिक्षण किया एंव पूरी बीमारीयॉ बिना किसी जॉच कराये बतला दी । इसके बाद उन्‍होने मुक्षे बतलाया कि आप का रस एंव रसायन का संयोजन बिगड चुका है , इससे आप को भूंख नही लगती, कब्‍ज रहता है ,गैस बनती है तथा जो भी आप खाते पीते है वह शरीर में नही लग रहा है ,इससे दुर्बलता बढती जा रही है साथ ही झुरूरीयॉ एंव बाल भी समय से पहले झडने लगे है , उन्‍होने नाभी स्‍पंदन को यथास्‍थान ला दिया एंव मुझे समक्षा दिया कि किस प्रकार से नाभी स्‍पंदन का परिक्षण मुंझे स्‍वंय समय समय पर करते रहना है एंव नाभी के खिसक जाने पर उसे अपने स्‍थान पर कैसे लाना है । मैने यह उपचार स्‍वंय कई दिनों तक सुबह खाली पेट किया, मुक्षे कुछ ही दिनों में लाभ समक्ष में आने लगा । इसके अर्श्‍चयजनक परिणामों को देख मैने निर्णय लिया कि मै स्‍ंवय इसका अध्‍ययन करूंगा एंव गरीब निर्धन व्‍यतियों की नि:शुल्‍क सेवा करूंगा । इसलिये इनके द्वारा चलाये जाने वाले निशुल्‍क कोर्स में मैने प्रवेश लेकर इसका अध्‍ययन शुरू कर दिया, जो नि:शुल्‍क कई प्रकार के चिकित्‍सा सम्‍बन्धित कोर्स का संचालन  इमेल के माध्‍यम से पाठय सामग्री भेज कर करती है ।  मैने चीनी शॉग एंव नाभी स्‍पदन से रोग निदान का प्रशिक्षण प्राप्‍त कर, इस चिकित्‍सा की सेवाये दे रहा हूं ।
                                               दिनेश पाठक रतलाम म0प्र0
 समाधान- आप ने ची नी शॉग एंव नाभी स्‍पंदन से रोग निदान का प्रशिक्षण हमारे यहॉ से प्राप्‍त कर मरीजों का निशुल्‍क उपचार कर रहे है इसके लिये हमारा साधुवाद स्‍वीकार हो ।
                                               प्रकाशक

           

                                              
प्रश्‍न 2:- मुक्षे इस बात की खुशी है कि छात्रों की जानकारी व अनुभावों एंव शंका समाधान हेतु अनुभाव एंव समाधान कालम का प्रकाशन किया जा रहा है । नि:शुल्‍क कोर्स जो स्‍थानीय कई समाजसेवीय संस्‍थाओं द्वारा संचालित किये जा रहे है । इससे पहले यह नि:शुल्‍क कोर्स केवल दिल्‍ली द्वारा ही संचालित होते थे , पहले कम्‍प्‍यूटर व नेट आदि की सुविधाये, उपलब्‍ध नही थी , इस लिये दिल्‍ली की प्रमुख संस्‍था ने स्‍थानीय समाज सेवीय संस्‍थाओं के साथ मिलकर सन 2008 में इस नि:शुल्‍क कोर्स का तीन तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन प्रारम्‍भ किया था , जिसमें छात्रों को पाठय सामग्रीयॉ नि:शुल्‍क उपलब्‍ध कराने में बडी असुविधा होती थी, साथ ही संस्‍था को यह व्‍यय स्‍वंय उठाना पडता था । परन्‍तु अब कम्‍प्‍यूटर एंव नेट सुविधाओं की वजह से  छात्रों को मेल एडेस एंव ब्‍लागर साईड से जोडकर विषय सामग्री उन तक उनके मेंल एडेस से भेजना अत्‍यन्‍त सुविधाजनक हो गया है , साथ ही इससे न तो संस्‍था को धन व्‍यय करना होता है । छात्र अपनी सुविधानुसार इस पत्राचार कोर्स का अध्‍ययन घर पर ही कर सकते है एंव जब कभी उन्‍हे सुविधा मिलती है या उनके नगर में या आस पास नि:शुल्‍क प्रशिक्षण कैम्‍प का आयोजन होता है उनमें वह भाग लेकर इसका प्रयौगिग प्रशिक्षण का लाभ उठा सकते है । मैने इस संस्‍था द्वारा संचालित ब्‍युटी क्‍लीनिक ,ची नी शॉग ,होम्‍योपंचर ,एंव नेवल एक्‍युपंचर का पत्राचार कोर्स किया एंव इस संस्‍था में स्‍थानीय समन्‍वयक हूं ।  
                                               सुबोध कान्‍त सिंह पटना बिहार
समाधान- आप ने यह नही बतलाया कि आप किस राज्‍य या नगर के समन्‍वयक है ।  
                                                  प्रकाशक
प्रश्‍न 3- मुक्षे यह जानकार बडी प्रसंन्‍ता हुई है कि आप के द्वारा संचालित नि:शुल्‍क कोर्स में पाठय सामगी , ब्‍लागर साईड एंव आप की अन्‍य साईड पर एक अनुभव व समाधान कालम का प्रकाशन किया जा रहा है ।इस अनुभव कालम में छात्रों एंव मरीजों के उपचार परिणामों को लेख ,फोटोग्राफ, वीडिया के माध्‍यम से प्रकाशित किया जायेगा । इससे छात्रों ,जनसामान्‍य को आप के द्वारा संचालित विभिन्‍न उपचार पद्यतियों की जानकारी के साथ उपचार परिणामों की जानकारी होगी ।
  पूर्व में नि:शुल्‍क कोर्स कई लेखकों के नाम से भी प्रकाशित हुऐ है ,परन्‍तु हिन्‍दी भाषीय क्षेत्र हेतु हिन्‍दी में पाठय सामग्रीयों का प्रकाशन कम ही हुआ है । आप से अनुरोध है कि सर्वश्रेष्‍ट अनुभवों के लेखक , फोटोग्राफ ,एंव वीडियोंग्राफी जो छात्रों हेतु विषयों को समक्षने में सहयोगी हो उन्‍हे प्रोत्‍साहित किया जाये । एंव इस अनुभव कालम में मरीजों व छात्रों की समस्‍याओं का  समाधान भी किया जाये ।                
                                                 डॉ0के0बी0सिंह
समाधान आप के सुक्षाव हमेशा हमारे लिये सहयोगी रहा है । हम आप के सुक्षाओं से सहमत है आप ने सुक्षाव दिया है कि हम इस कालम में अनुभवों के साथ समाधान कालम का भी प्रकाशन करे एंव विषय से सम्‍बन्धित लेखों का प्रकाशन लेखक के नाम से करे । इस सम्‍बन्‍ध में हम कहना चाहेगे कि समाधान हो या विषय से सम्‍बन्धि लेखों के बारे में हो हमने लेखको के नाम्‍ा से ही प्रकाशित किया है आप के भी बहुत से लेख हमने आप के नाम से ही प्रकाशित किया है । हिन्‍दी भाषा में हमे कम लेख प्राप्‍त होते है परन्‍तु जब कभी भी जो भी लेख अपने लेख हमे भेजता है हम उसे उसी के नाम से प्रकाशित करते रहे है और आगे भी ऐसा ही होगा जो छात्र या लेख हमे विषयों से सम्‍बन्धित लेख ,सुक्षाओ ,समाधान ,या अपने अनुभाव हमे भेजेगा उसे हम उसी के नाम से ही प्रकाशित करेगे । अच्‍छे लेख वीडियों ,तथा फोटोग्राफ को प्रोत्‍साहित करेगे एंव वार्षिक परिक्षा में उसके लेखों के मूल्‍याकंन के आधार पर उसे अतरिकत अंक दिये जायेगे साथ ही प्रमाण पत्र भी प्रदाय किया जायेगा ।
                                                      प्रकाशक
 प्रश्‍न 4 - आप के द्वारा अनुभाव एंव समाधान कालम का प्रकाशन किया जा रहा है इसके लिये हमारा साधुवाद स्‍वीकार हो । मै ब्‍यूटी पार्लर चलाती हूं परन्‍तु इसमें आय कम थी परन्‍तु जैसे ही मैने ब्‍यूटी क्‍लीनिक की ब्रांच के कुछ कोर्स जैसे बी गम ,नीशेप ,पिर्यसिंग ,कपिंग,ची नी शॉग उपचार आदि , आप के यहॉ से पत्राचार के माध्‍यम से किया एंव इसकी सुविधाये हमने अपने पार्लस में उपलब्‍ध कराई अब मेरा पार्लर जो पहले धाटे में चल रहा था अब एक लाभ का व्‍यवसाय बन गया है  । मै यह जानना चाहती हूं कि आप के यहॉ से मेल पर जो अध्‍ययन सामग्री भेजी जाती है वह कभी कभी अन्‍य ईमेल एडेस से प्राप्‍त होती है इसी प्रकार ब्‍लागर की जानकारीयॉ भी अन्‍य साईडों से प्राप्‍त हो रही है । कभी कभी फोन आदि करने पर भी जानकारी नही मिल पाती ।
                                           ज्‍योति मौर्या इंदौर म0प्र0
समाधान- आप का प्रश्‍न सही है इसका कारण यह है कि हमारे द्वारा संचालित कोर्स स्‍थानीय समन्‍वयकों द्वारा संचालित होते है । इसलिये हमारे ईमेल से जुडते ही हम उस छात्र की जानकारी, उसका मेल एडेस तथा फार्म आदि स्‍थानीय समन्‍वयक को दे देते है ताकि वह इस कोर्स से सम्‍बन्धित जानकारीयॉ अपने छात्रों को समय समय पर देता रहे दुसरी बात हमारे फोन नम्‍बरों पर चर्चा इसलिये नही की जा सकती क्‍योंकि छात्रों की संख्‍या अधिक है सभी का फोन पर जबाब देना संभव नही है इसीलिये बार बार अनुरोध किया जाता है कि आप केवल हमारे मेल एडस पर ही अपनी समस्‍या भेजे । ब्‍लागर साईड भी हमसे जुडे छात्रों व समन्‍वयों ने अपनी अपनी बनाई है ताकि सम्‍बन्धित विषयों की जानकारी ,लेख, वीडियों ,तथा फोटोग्राफ छात्रों को समय समय पर मिलती रहे ।  
                                                  प्रकाशक
     प्रश्‍न 5 - मै गरिमा बाधवानी उम्र 27 वर्ष लखनउ से एक समस्‍या के समाधान हेतु लिख रही हूं और मुझे पूरी उम्‍मीद है कि आप मेरी समस्‍या को हल करेगे । मै एक कलाकार हूं टी0बी0 सीरियल में भी काम किया है । मैने साउथ व कुछ भोजपूरी फिल्‍मों में भी छोटे मोटे रोल किये है । जैसा कि आप सभी जानते है कि आज कल मांडलिंग का जमाना है और हम नये महिला कलाकारों में सौन्‍द्वर्य ही सब कुछ है ा मै सुन्‍दर हूं मेरी लम्‍बाई भी ठीक है ।परन्‍तु मेरी समस्‍या यह है कि मेरा पेट मर्दो की तरह अधिक चिपका हुआ है । वैसे मै एकहरे बदन की हूं । परन्‍तु न तो अधिक मोटी हूं न ही अधिक दुबली । परन्‍तु मेरा पेट मर्दो की तरह दिखता है मेरी नाभी भी कम गहरी इससे मेरे पेट का आर्कषण महिलाओं की तरह नही है । कई बार इसकी बजह से मुझे फिल्‍मों से निकाला भी गया है । साउथ भोजपुरी फिल्‍मों में गहरी नाभी एंव स्‍त्री की तरह मुलायम पेट का अधिक महत्‍व है । मैने प्‍लास्टिक सर्जरी कराने की सोची है । आप के उपचारों में इस तरह का उपचार है क्‍या   
                                              गरिमा बाधवानी लखनउ उ0प्र0
  समाधान- आप का प्रश्‍न सही है आजकल फिल्‍म ,टेलीवीजन , मॉडलिंग यहॉ तक की सामान्‍य स्‍त्रीयों में गहरी नाभी एंव कोमल उदर क्षेत्र का महत्‍व अत्‍याधिक बढ गया है चूंकि स्‍त्रीय सुलभ आर्कषण में समतल पेट पर गहरी नाभी के होने से कोमलांगनी कही जाने वाली स्‍त्रीयों का सौन्‍र्द्धय कई गुना बढ जाता है मर्दो की तरह से  सक्‍त पेट फिर उस पर किसी जख्‍म की तरह या सकरी कम गहरी नाभी हो तो स्त्रीय सुलभ आर्कषण अपने आप कम हो जाता है एंव स्‍त्रीयों में जो कोमलता का बोध होना चाहिये वह नही होता । पेट को कोमल आर्कषक ,कपिंग उपचार से किया जाता है एंव नाभी को गहरा आर्कषक शेप नी शेप उपचार विधि के नेवेल कार्क को लगा कर किया जाता है । सकरी नाभी को आकार में चौडा करने के लिये नाभी के अन्‍दर नेवल स्प्रिंग लगाई जाती है । आप इसकी जानकारी  इस साईड http://beautyclinict.blogspot.in/
beautyclinic.blogspot.com
neeshep.blogspot.com 
पर नीशेप कलीनिक ,आर्टिक एंव वीडियो देखे आप को इसकी जानकारी हो जायेगी । यदि आप अपना ई मेल एडेस हमे भेजते है तो हम इससे सम्‍बन्धित जानकारी आप को मेल कर सकते है ।                             
                      
                                                       प्रकाशक





           






प्रश्‍न 6 - मै जानना चाहता हूं कि आप के यहॉ कितने प्रकार के नि:शुल्‍क कोर्स का
     संचालन किया जाता है और यह किस प्रकार से होता है । मुक्षे जानकारी
     मिली है कि यह पत्राचार कोर्स है फिर इसका प्रे‍क्‍टीकल नालेज कैसे होगा
     चूंकि आप के कोर्स अधिकाशंत: प्रयौगिक प्रशिक्षण पर निर्भर करता है ।
                                   सुनीता अतुरकर मुम्‍बई
समाधान- आप ने सही कहॉ , हमारे सम्‍पूर्ण कोर्स प्रयौगिक प्रशिक्षणों पर ही  
        निर्भर करते है । इसीलिये हम जो पाठय सामग्री अध्‍ययन हेतु भेजते
        है उसका उद्वेश केवल इतना है कि पहले छात्र सैद्धान्‍तिक विषयों
        का अध्‍ययन धर पर अच्‍छी तरह से कर ले इसके बाद हमारे
        नि:शुल्‍क प्रशिक्षण कैम्‍प जहॉ भी लगते है उसमें प्रयौगिक प्रशिक्षण
       प्रशिक्षणा दिया जाता है चूंकि पहले सैद्धान्‍तिक विषयों के अध्‍ययन से
      छात्र पूरी तरह से तैयार हो जाता है । हमारे द्वारा संचालित निम्‍न
      कोर्स है ।
1-ब्‍युटी क्‍लीनिक- जिसमें सौन्‍र्द्धर्य समस्‍याओं के निदान की तकनीकी सिखलाई जाती है इसकी निम्‍न ब्रांच है बी गम थैरापी ,कपिंग उपचार, पिर्यसिंग , नीशेप उपचार, टैटू , होम्‍युपंचर , ची नी शॉग आदि ।
2- ची नी शॉग उपचार
3- नेवल एक्‍युपंचर
4- एक्‍युपंचर
5-ची नी शॉग
6-नाभी स्‍पंदन से रोगों की पहचान एंव निदान
7-उपतारामण्‍डल परिक्षण द्वारा रोगों की पहचान एंव निदान
8-होम्‍योपंचर
9-इलैक्‍टो होम्‍योपैथिक
उक्‍त कोर्स में प्रवेश लेने हेतु आप हमारे ईमेल  battely2@gmail.com पर आवेदन कर सकते है एंव घर बैठे इस कोर्स का अध्‍ययन कर सकते ,हमारे सम्‍पूर्ण कोर्स पूरी तरह से निशुल्‍क है ।
                                             प्रकाशक








प्रश्‍न 7- मैने सुना है कि आप के यहॉ से ब्‍युटी पार्लर से सम्‍बन्धित एडवासं कोर्स का निशुल्‍क संचालन होता है । क्‍या यह कोर्स पत्राचार से भी किया जा सकता है । इसके करने से क्‍या लाभ है                                       प्रतिसिंह पंजाब
समाधान- आप को मै यह बतलाना चाहूंगा कि ब्‍युटी पार्लर एंव हमारे द्वारा चलाये जाने वाले ब्‍युटी क्‍लीनिक में जमीन आसमान का अन्‍तर है । ब्‍युटी पार्लर में केवल साज श्रृगार का काम होता है । परन्‍तु ब्‍युटी क्‍लीनिक में सौन्‍र्द्धर्य समस्‍याओं का उपचार किया जाता है जैसे एक निश्‍चित उम्र के बाद भी स्‍त्रीयों में स्‍त्रीय सुलभ अंगों का विकास न होना , या अत्‍याधिक मोटापा ,बालों का सफेद होना या झडना , मस्‍से ,मुंहासे, त्‍वचा का रंग बदलना या बदरंग का होना आदि आदि और भी कई प्रकार की समस्‍याये है जिनका चिकित्‍सकीय निदान इस विधि से होता है । ब्‍युटी क्‍लीनिक की कई शाखाये है
  आज के समय में घर घर से लेकर गली चौराहो में ब्‍युटी पार्लर के खुल जाने से इस ब्‍यवसाय में लाभ कम है यह ब्‍यवसाय अब एक धाटे का सौदा बन गया है । परन्‍तु ब्‍युटी क्‍लीनिक के जानकारों का भारत में केवल चार महानगरों को छोड कर बेहद कमी है । इसलिये इसकी जानकारी होते इसका नेटवर्क बिना किसी प्रचार प्रसार के बनने लगता है । जैसे एक उदाहरण हम यहां पर आप को समक्षने के लिये देना चाहेगे । ब्‍युटी पार्लर में अनावश्‍यक बालों को निकालने के लिये बैक्‍स किया जाता है जो काफी र्ददनाक प्रक्रिया है परन्‍तु ब्‍यूटी क्‍लीनिक में बी गम की सहायता से शरीर के अनावश्‍यक बालों को जड़ से बिना र्दद के आसानी से निकाल दिया जाता है । ठीक इसी प्रकार आप सभी जानते है कि हर सम्‍प्रदाय में बच्‍चीयों के नाक कान छिदवाये जाते है और यह काम सोनार की दुकानों में होता आया है । नाक कान को सुनार के द्वारा छेदना एक तो असुरक्षित है फिर संक्रामण का डर बना रहता है धॉव पकते फूटते है, ब्‍युटी क्‍लीनिक की पिर्यसिंग शाखा के अर्न्‍तगत शरीर के किसी भी हिस्‍से में छेद सुरक्षित तरीके से इस प्रकार किया जाता है कि संक्रमण की संभावना नही रहती धॉव भी पकते नही है, इसके साथ इसका सबसे बडा फायदा यह है कि शरीर में छेद इस प्रकार से किया जाता है कि पता ही नही चलता चूंकि वहां की त्‍वचा को पूरी तरह से शुन्‍य कर दिया जाता है । यह तो मात्र दो उदाहरण है, इसी प्रकार के और भी उदाहरण है । यदि बालों को निकालने में या नाक कान या शरीर के अन्‍य हिस्‍सों को छेदने में र्दद नही होगा तो हर ग्राहक आपके पास आयेगा एंव दूसरों को आप की जानकारी देगा इससे आप का नेटवर्क अपने आप बनने लगेगा । आज के फैशनपरास्‍ती युग में युवाओं में टैटू ,एंव पिर्यसिंग कराने का प्रचलन तेजी से बढा है , छोटे शहरों में इसके जानकारों का अभाव होने से ऐसे युवा बडे शहरों की तरफ भागते है फिर इन कामों का परिश्रमिक मुंह मांगा मिलता है । आप इससे सम्‍बन्धित अन्‍य जानकारी हेतु हमारे मेल पर सम्‍पर्क कर सकते है हम पूरी जानकारी आप को आप के मेल पर भेज देगे चूंकि पूरी जानकारी इस समाधान कालम में देना संभव नही है
                                                        प्रकाशक
प्रश्‍न 8- मैने सुना है कि नाभी स्‍पंदन से रोग की पहचान आसानी से की जा सकती है एंव नाभी के स्‍पंदन को यथास्‍थान लाकर बीमारीयों का उपचार किया जाता है । मुझे पेट में र्दद रहता है भूंख नही लगती , गैस बनती है जिससे सीने में र्दद होता है खटटी डकारे भी आती है , मैने एलोपैथिक ,आयुवेदिक ,होम्‍योपैथिक सभी उपचार करा लिया है परन्‍तु कुछ भी लाभ नही हुआ । क्‍या  नाभी स्‍पंदन उपचार से मेरी बीमारी की समस्‍या का हल हो सकता है ।
मुझे नाभी स्‍पंदन चिकित्‍सक का पता भी देने का कष्‍ट करे ।
                                                अल्‍का सुहाने बडोदरा
समाधान- नाभी स्‍पंदन से रोगो की पहचान एंव बीमारीयों का उपचार सफलता पूर्वक किया जा रहा है । इसके आर्श्‍चयजनक परिणम मिले है । आप को हमारी सलाह है कि आप नाभी चिकित्‍सक या ची नी शॉग चिकित्‍सक से अपना उपचार कराये आपको निराशा नही होगी । बडोदरा में डॉ0 मनोज खत्त्री जी दोनो विषयों के अच्‍छे ज्ञाता है ।
                                                   प्रकाशक

प्रश्‍न- नीशेप उपचार क्‍या है नेवल स्‍प्रीग एंव नेवल कार्क क्‍या है । क्‍या इससे नाभी को गहरा आकृषक शेप दिया जा सकता है वो भी बिना किसी नुकसान के । क्‍या मै इस कोर्स को कर सकती हूं इसका प्रेक्‍िटिकल नालेज के लिये मुझे कहॉ जाना होगा ।
                                               अनिता खरे बिलासपुर म0प्र0
समाधान- नीशेप उपचार में नाभी को गहरा आकृषक शेप दिया जाता है । नीशेप में अब पेट को स्‍लीम आकृषक स्‍त्रीय सुलभ बनाया जाने लगा है । इस कोर्स का अध्‍ययन घर बैठे पत्राचार से किया जा सकता है । इसके प्रेक्‍िटिकल नालेज हेतु जब भी कही निशुल्‍क कैम्‍प लगते है उसमें आमंत्रित कर इस का प्रेक्‍िटिकल नालेज आप ले सकती है । कैम्‍प की जानकारी हमारे निशुल्‍क कोर्स में प्रवेश लेने पर समय समय पर बतला दी जाती है । नेवेल स्प्रिंग नाभी के साईज की एक स्‍टीललैस स्‍टील की स्प्रिंग होती है इसे सकरी नाभी को चौडा गोल बनाने के लिये किया जाता है इसे नाभी के अन्‍दर डालकर छोड दिया जाता है जैसे ही स्प्रिंग को नाभी के अन्‍दर दबाव देकर छोडते है इससे स्प्रिंग दबाब के कम होते ही अपने स्‍वाभाविक रूप में आ जाती है । इससे नाभी के अन्‍दर की त्‍वचा पर दबाब डाल कर नाभी को चौडे आकार में गोल बना देती है । नेवेल कार्क नाभी की साईज का कार्क है जिसे नाभी के अन्‍दर डालने से नाभी गहरी गोल हो जाती है । इसकी विस्‍तृत जानकारी हेतु आप अपना ईमेल एडेस भेज हम सम्‍पूर्ण जानकारी आप को मेल कर देगे ।
                                                    प्रकाशक
                                                                                                             
















पिर्यसिंग आर्ट


                            पिर्यसिंग आर्ट 


    आज के इस फैशनपरास्‍ती युग में जहॉ हम सभी उपग्रह संस्‍कृतियों की वजह से , हम सभी विश्‍व प्रचलित नये नये फैशन से जुड चुके है । आज का युवा वर्ग दुनिया की भीड में एक अलग पहचान बनाना चाहता है । खॉस कर महिलायें इस भीड में सबसे आगे है , नया फैशन हो या शरीर में बदलाओं इसमें युवा महिलायें सबसे आगे है । भारत ही नही बल्‍की दुनिया के हर कोने में नाक कान को छिदवा कर उसमें ज्‍वैलरी पहनने का प्रचलन हर धर्म जाति एंव सम्‍प्रदायों में सदियों से होता आया है । परन्‍तु आज के इस फैशन के दौर में शरीर के आकृषक अंगों को छिदवाकर उसमें बोल्‍ड ज्‍वैलरी पहनने का प्रचलन तेजी से बढता जा रहा है । शरीर के आकृषक कामनीय अंगों को छेद कर उसमें बोल्‍ड ज्‍वैलरी पहनाने की इस कला को ही पिर्यसिंग कहॉ जाता है , वैसे तो पिर्यसिंग का अर्थ है, शरीर को छेदना । पिर्यसिंग विशषकर नाक, कान, भौ ठोडी , नाभी , पेट के कुछ भाग , ओठों आदि पर, विशेष तौर से प्रचलन में है । परन्‍तु अब नाभी पिर्यसिंग का प्रचलन युवा महिलाओं में तेजी से बढता जा रहा है । इसका प्रमुख कारण यह है कि नाभी स्‍त्रीयों का सबसे आकृषक अंग है । नाभी का प्रर्दशन किसी भी समाज में वर्जित नही है । नाभी शरीर का एक ऐसा आकृषक अंग है जिसमें स्‍त्रीय के शारीरिक कोमलता का आभास होता है , यदि इस आकृषक अंग में श्रृंगार किया जाये तो वह अत्‍याधिक कामनीय दिखने लगती है । नेवल पिर्यसिंग या नाभी पिर्यसिंग को आसानी से एक दो दिन के प्रशिक्षण उपरान्‍त सीखा जा सकता है , एंव अपने घर पर या अपने ब्‍यूटी पार्लस में इसका संचालन किया जा सकता है , इस व्‍यवसाय में अच्‍छी खॉसी आमदनी है तथा इसका व्‍यवसाय प्रारम्‍भ करते ही इसका नेटवर्क अपने आप बनने लगता है इसका प्रमुख कारण है कि इसके जानकारों का अभी व्‍याप्‍त अभाव है पिर्यसिंग की सुविधाये अभी तक केवल महानगरों में उपलब्‍ध है , परन्‍तु एक सर्वेक्षण के मुताबिक आने वाले समय में युवा वर्ग में शरीर के आकृषक अंगों में पिर्यसिंग कराने का प्रचलन तेजी से बढेगा एंव इस व्‍यवसाय में रोजगार की अपार संभावनाये है । पिर्यसिंग पार्लस को खोलने में पूंजी निवेश भी अधिक नही है , ऐसी महिलायें जो अपने गृह कार्यो से बचे हुऐ समय में स्‍वारोजगार करना चाहती है उनके लिये यह व्‍यवसाय किसी वरदान से कम नही है
पिर्यसिंग पार्लर हेतु आवश्‍यक सामग्री :- पिर्यसिंग पार्लर कही भी और कम से कम पूंजी निवेश कर प्रारम्‍भ किया जा सकता है , इस कार्य को स्‍थापित करने हेतु एक टेबिल , पिर्यसिंग हेतु विभिन्‍न प्रकार के फारसेप , विभिन्‍न प्रकार की (गेज) निडिल तथा स्‍प्रीट ,कार्टन ,ग्‍लोबस,तथा पिर्यसिंग ज्‍वैलरी, मसल्‍स को शून्‍य करने हेतु जायलोकेन स्‍प्रे या लोशन की आवश्‍यकता होती है इस पर कुल खर्च दस हजार से लेकर बीस हजार के मध्‍य है जो सभी वर्ग की पहूंच में है । अत: हम कह सकते है कि पिर्यसिंग पार्लर को प्रारम्‍भ करने में इतनी पूंजी निवेश होती है जो एक साधारण से साधारण व्‍यक्ति भी निवेश कर सकता है ।
पिर्यसिंग का उदेश्‍य:-  चूंकि पिर्यसिंग का उददेश्‍य शरीर के आकृषक अंगों को छेदा कर उसमें आधुनिक बोल्‍ड ज्‍वैलरी को पहनाना है , परन्‍तु शरीर को छेदने में जैसा कि आप सभी इस बात से अच्‍छी तरह से परिचित है कि शरीर के नाजुक अंगों को परम्‍परागत तरीके से छेदने में अत्‍याधिक र्दद होता है जैसा कि हर सम्‍प्रदाय व जातियों में बच्‍चीयों के नाक कान को छेद कर उसमें ज्‍वैलरी पहनाई जाती है परन्‍तु यह कार्य सामान्‍यत: सुनार की दुकानों में किया जाता है जिसमें सोनार किसी धारदार नुकीली वस्‍तु से (बिना किसी सुरक्षा के उपाय के ) नाक कान को छेद देता है इस प्रक्रिया में र्दद तो होता ही है कभी कभी रक्‍त स्‍श्राव भी अधिक होता है फिर कभी कभी धॉव पकते फूटते है कुल मिला कर इस परम्‍परागत पिर्यसिंग प्रक्रिया से जहॉ धॉव पकते फूटते है वही इंफेक्‍शन होने का भी खतरा बढ जाता है । वहीं पिर्यसिक पार्लर में इस प्रकार से शरीर के नाजुक अंगों को छेदा जाता है कि र्दद बिलकुल नही होता फिर छेदते समय पूर्ण चिकित्‍सकी सावधानीयॉ अपनाई जाता है ,जैसे इंफेक्‍शन न हो इसलिये हाथों में ग्‍लोब पहना जाता है इसके साथ छेदने वाली जगह को एन्‍टी वैक्‍टेरियल लोशन आदि से साफ किया जाता है
वही र्दद न हो इसलिये त्‍वचा व मसल्‍स पर जायलोकेन स्‍प्रे, लोशन या इंजेक्‍शन का उपयोग किया जाता है ।

पिर्यसिंग पार्लस का महत्‍व :- पिर्यसिंग पार्लर का महत्‍व इसलिये है चूंकि आज के इस फैशनेबिल युग में हर युवा वर्ग अपने आकृषक अंगों में पिर्यसिंग करा कर बोल्‍ड ज्‍वैलरी पहनना चाहता है इस लिये पिर्यसिग पार्लर का महत्‍व अधिक बढ गया है । इसका दूसरा कारण यह भी है कि हर सम्‍प्रदाय व जातियों में बच्‍चों के नाक कान छेदे जाती है परन्‍तु परम्‍परागत तरीके से नाक कान को छेदना सुरक्षित नही होता एंव इस प्रक्रिया में काफी र्दद होता है , परन्‍तु पिर्यसिंग पार्लर में एक तो पूर्ण चिकित्‍सकीय सुरक्षा के साथ शरीर के नाजुक अंगो में छेद किया जाता है एंव इस प्रक्रिया की सबसे बडी विशेषता यह है कि इसमें शरीर के नाजुक अंगों को छेदते समय र्दद बिलकुल नही होता क्‍योकि पिर्यसिंग पार्लर में त्‍वचा व मसल्‍स को शून्‍य कर दिया जाता है । इस लिये हर माता पिता चाहते है कि उनके बच्‍चों के नाक कान या शरीर के अन्‍य अंगों को छेदते समय र्दद न हो एक शरीर को छेदने की प्रक्रिया पूर्ण सुरक्षित तरीके से हो । शरीर के नाजुक अंगों को पिर्यसिंग पार्लर में किसी दक्ष एंव प्रशिक्षित व्‍यक्तियों द्वारा छेद कर उसमें ज्‍वैलरी पहनाई जाती है । ब्‍युटी पार्लस संचालिकाये यदि अपने पार्लस में पिर्यसिंग का कार्य संचालित करती है तो उनके पार्लर की आमदनी चार गुना अधिक बढ सकती है ।
नेवल पिर्यसिंग कैसे करे :-
चूंकि यहॉ पर हम नेवेल पिर्यसिंग या नाभी पिर्यसिंग की चर्चा कर रहे है । नाभी चूंकि शरीर का एक आकृषक अंग होने के साथ अत्‍यन्‍त संवेदनशील नाजुक अंग होता है अत: यहॉ पर छेद करते समय विशेष ध्‍यान रखना होता है साथ ही इस अंग पर एक बार ही छेद किया जाता है यदि गलती से गलत छेद हो गया तो हमेशा के लिये वहॉ पर धॉव का निशान बन जायेगा जो देखने में बहुत खराब तो दिखेगा ही एंव उसे दुबारा पिर्यसिंग कराना होगा इस लिये नेवल पिर्यसिंग करते समय सर्वप्रथम जिस स्‍थान पर पिर्यसिंग करना है उस स्‍थान का आवलोकन कर उस पर लैण्‍ड मार्किंग की जाती है ।  लैण्‍ड मार्किंग से पूर्व आप जितनी जगह पर पिर्यसिंग करना चाहते हो उस जगह को एंव उसके आस पास की जगह को पहले डिटोल सोप से फिर डिटोल लोशन से अच्‍छी तरह से साफ कर ले , इसके बाद उस जगह को पानी से धो कर साफ कर सूख जाने दे जब वह पूरी तरह से सूख जाये , यहॉ पर सर्व प्रथम आप को विशेष ध्‍यान देने की बात है वह यह कि आप नाभी पर बोल्‍ड ज्‍वैलरी को पहनाने के लिये नाभी पर छेद कर रहे है अत: आप को सर्वप्रथम नाभी की बनावट पर ध्‍यान देना होगा , जैसे यदि किसी की नाभी कम गहरी है या अधिक गहरी है या फिर कुछ लोगों की नाभी ऊपर को डण्‍टल की तरह से निकली हुई या सपाट है इन परस्थितियों में पिर्यसिंग करने से पूर्व आप को विशेष सावधानी बर्तनी होगी अन्‍यथा पिर्यसिंग का महत्‍व ही खत्‍म हो जातेगा । चूंकि विभिन्‍न व्‍यक्‍ितयों की नाभी की बनावट भी विभिन्‍न प्रकार की होती है एंव उस बनावट को ध्‍यान में रख कर ही पिर्यसिंग करना एक कला है । यहॉ पर हम विभिन्‍न प्रकार की नाभी बनावट के हिसाब से पिर्यसिंग के बारे में अलग अलग बतला रहे है । गहरी नाभी पर पिर्यसिंग आसानी से की जा सकती है परन्‍तु सकरी , कम गहरी ,डण्‍टल की तरह से बाहर को निकली नाभी पर पिर्यसिं करना कठिन कार्य के साथ बहुत सी सावधानीयॉ एंव इस प्रकार की नाभी पर पिर्यसिंग करने पर वह अंग आकृषक दिखना चाहिये अन्‍यथा पिर्यसिंग का महत्‍व नही रह जाता
1-गहरी नाभी में पिर्यसिग :- गहरी नाभी में पिर्यसिंग करना आसान है यह पिर्यसिंग दो प्रकार से होती है नाभी वृत के ऊपरी भाग में एंव उसके नीचे के भाग में परन्‍तु अधिकांश महिलाओं द्वारा नाभी वृत के उपरी भाग में ही पिर्यसिंग कराई जाती है । परन्‍तु कुछ महिलाये नाभी के उपरी एंव नीचले दोनो छोर पर पिर्यसिंग कराकर उसमें ज्‍वैलरी पहनती है । सर्वप्रथम हम आप को नाभी वृत के ऊपरी हिस्‍से में पिर्यसिंग करने की विधि बतला रहे है । सर्वप्रथम आप उपरोक्‍त प्रक्रिया को पूर्ण करने के पश्‍चात उस व्‍यक्ति को खडा कीजिये इसके पश्‍चात उसकी  नाभी के ऊपर की दीवार एंव नाभी के अन्‍दर की दीवार को ध्‍यान से देखिये तत्‍पश्‍त नाभी वृत के ऊपरी सतह एंव नाभी के अन्‍दर की सतह को होल फारशेप से दोनो छोर अर्थात नाभी के बाहर का छोर एंव नाभी के अन्‍दर के छोर को पकड कर फारशेप को बन्‍द कीजिये इसके बाद जैसे ही फारशेप के होल दोनो सतहों को जहॉ पर मिलाये वहॉ के दोनो फारशेप के छेद पर मार्क पेन से निशान बना दीजिये । फारसेप के अलग करे इसके बाद आप बनाये गये दोनो निशानों को देखिये यदि दोना निशान एक ही दिशा में है एंव छिद्र करने के बाद ज्‍वैलरी के पहनाने पर सीधी रेखा में है तो समक्षिये आप की मार्किंग ठीक है ,अब
आप पुन: फारशेप से निशान लगाये दोनो छोरो का पकडे एंव जहॉ पर आप ने निशान लगाये है उन्‍हे फारशेप के होल से मिलाते हुऐ फारशेप के दोनो होल से पिर्यसिंग निडिल जो ज्‍वैलरी के गेज यानी उसकी मोटई के हिसाब से होगी वैसे तो प्राय: 18 गेज या उससे भी अधिक के निडिल का प्रयोग किया जाता है परन्‍तु कोशिश यही करे की निडिल का गेज अधिक मोटा न हो नही तो र्दद अधिक होगा । अब आप को मार्क पेन से बनाये निशानों पर छेद करना है यह छेदने की प्रक्रिया नाभी के अन्‍दर की दीवार पर निडिल को रख कर एक ही क्षटके में इस प्रकार से छेद करे ताकि निडिल दूसरे छोर अर्थात नाभी के ऊपरी वृत के निशान पर निकले । जैसे ही नाभी की ऊपरी दीवार के निशान तक निडिल निकल आये तब आप के पास ज्‍वैलरी को पहनाने के दो तरीके है एक तो यह कि आप किसी औजार से निडिल के उस भाग को कॉट दीजिये जिसे पकड कर आप निडिल को धुसाते है अर्थात निडिल के नुकेले भाग को छोट कर उसके नीचे के भाग को जहॉ कैप लगा होता है परन्‍तु जब आप निडिल को कॉटे तो वह इस प्रकार से कॉटे ताकि उसे दुसरी तरफ से निकालने पर त्‍वचा न छिले यह अभ्‍यास से आसानी से बनने लगता है निडिल को कॉटने के बाद उसे निडिल के नुकेले भाग को बॉये हाथ से पकडे एंव दाये हाथ से ज्‍वैलरी के नुकेले भाग को निडिल के कटे भाग के होल में धुसा कर निडल को ज्‍वैलरी का प्रेशर एंव बाये हाथ से प्रेसर देते हुऐ निकालते जाये जैसे ही ज्‍वैलरी नाभी के निचली दिवार से होती हुई नाभी के ऊपरी दिवार तक आ जाये एंव पूरी तरह से उस पर बनी चूडियॉ दिखने लगे तब उसे आप पहले एक स्प्रिट में डुबे कार्टन से साफ करे फिर ज्‍वैलरी के नट नुमा भाग को उस चूडीयों पर धुमाते हुऐ कस दीजिये आप के नाभी पर ज्‍वैलरी पहनाने के प्रक्रिया यहॉ पर खत्‍म हो जाती है इसके बाद जहॉ तक संभव हो सके आप छेद किये उस भाग को डिटोल से अच्‍छी तरह से साफ कर दीजिये । दुसरी विधि यह है कि जब
आप ने दोनो छोरो को मिला कर छेद किया अब आप को निडिल के नुकीले भाग से ज्‍वैलरी के नुकीले भाग को धुसाते जाये एंव जिस प्रकार से आप ने पहले ज्‍वैलरी को नटनुमा भाग से धुमा कर कसा था उसी प्रकार से कस दीजिये । इसकी एक विधि और है उसमें ज्‍वैलरी एक सीधे खील की तरह होती है इस दोनो तरीके से नाभी के होल पर पहनाते है कुछ दिनों तक इसे लगे रहने दिया जाता है ताकि नाभी पर छेदा होल के धॉव भर जाये एंव स्‍थाई छिद्र बन जाये फिर इसमें जिस प्रकार की ज्‍वैलरी आप पहनना चाहे या पहनाना चाहे आसानी से पहना सकते है इस कील नुमा ज्‍वैलरी का उददेश्‍य ही यही होता है कि छेद्र वा होल स्‍थाई रूप से बन जाये ताकि इस होल में किसी भी प्रकार की ज्‍वैलरी कभी भी पहनाई जा सके । नेवल पिर्यसिंग एक कला है जो अभ्‍यास से आती है आपने जिस प्रकार से नेवल के नीचे से पियसिंग किया है आप चाहे तो ऊपरी दीवार से नाभी के अन्‍दर के भाग पर भी छेद कर सकते है परन्‍तु इसमें ध्‍यान या सुरक्षा यह रखना होती है कि निडिल का नुकीला भाग नाभी की दूसरी दीवार में न धुंस जाये इस लिये निडिल के नुकीले भाग पर कुछ लोग एक कार्क लगा देते है ताकि नुकीला भाग चुभे न ।

नेवल पिर्यसिंग के कुछ वीडियो हमारी साईड battely2.blogspot.com पर है कृप्‍या इसे देख कर समक्षने का प्रयास करे । यदि पसंद आये और आप पिर्यसिंग आर्ट सीखना चाहते है या पिर्यसिंग पार्लर या क्‍लीनिक खोलना चाहते है तो हमारे नि:शुल्‍क कोर्स को घर बैठे सीख सकते है सम्‍पूर्ण कोर्स मेल से भेजा जाता है आप हमारे ई मेल battely2@gmail.com आवेदन कर सकते है । नि:शुल्‍क कोर्स का आवेदन हमारी उपर की साईड से प्राप्‍त कर सकते है